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प्रेम-रोग तो नहीं?- (छविछंद)- by poet pukhraj yadav
छंद-परिचय- छविछंद (जाति= वासव/ चरण=४/ कुल मात्रा=३२/ कुल वर्ण= २४) १२१ १२१ कभी तय इश्क, करे कुछ नाहि| धुँआ कह जान, कहे तब पाहि...
जैसा मन वैसा तन-(धारावाही छंद) by Poet pukhraj yadav
छंद परिचय- *धारावाही छंद* (जाति=वासव/ चरण=४/ कुल मात्रा= ३२/ कुल वर्ण=१६) सीमा-२२२२ घेरो मेघों, रैना होने| जैसे कोई, पीड़ा धोने| ...
हम आए हैं द्वारे आपके-(मलयज छंद)- by poet pukhraj yadav
छंद परिचय- *मलयज छंद* (जाति= वासव/ चरण=४/ कुल मात्रा= ३२/ कुल वर्ण=३२) सीमा- *११ ११ ११ ११* सुर सुन स्व तनिक, तुम अचल अटल| सम सरि क...
देव शक्ति को नमन- अखण्ड छंद by Pukhraj yadav
छंद परिचय- *अखण्ड छंद* (जाति= वासव/चरण=४/कुल मात्रा=३२/कुल वर्ण= २०) सुनो कहानी, बड़ी महानी| चले न कोई, विपत्ति राही| अयोग्य ना तू, ...
सिर्फ आशिकी- (भुजँगप्रयात छंद)
*सिर्फ आशिकी* छंद- भुजंगप्रयात मात्राएँ- (122 122 122 122) न चुप्पी लबों पे,न बोली दिवानी। न कोई इरादा,न यादें पुर...
मृत्यु को निमंत्रण -(स्वागता छंद)
मृत्यु को निमंत्रण स्वागता (रगण नगण भगण+ 22) शोक-शोक लहरें बढ़ जाएँ। काल मृत्यु तब तंड़व भाएँ। घोर-घोर सब वंदन गाए। ...
कवि-धर्म-( दोधक छंद)
कवि-धर्म छंद- दोधक छंद मात्राएँ- (भ..+भ..+भ..+22= 16) वर्ण- 11 क्या लिखते रहते तुम भाया। हालत ठीक न है यह काया। घोर...
आओं भविष्य लिखदें- (अष्टक छंद) by poet Pukhraj yadav
छंद परिचय- अष्टक छंद (जाति=वासव/ चरण=४/ कुल मात्रा= ३२/ कुल वर्ण= २७) सीमा- *१११ १११ २* खड़ग चल रहे| अब दुख न सहे| हम सब लिख दें...
बदलते ग्रामीण परिवेश-(भुजंगी छंद)
- बदलते ग्रामीण परिवेश - भुजंगी छंद (यगण यगण यगण + लघु गुरू) कहीं धूप है तो कहीं छाँव है। कहीं शीत है तो कहीं रां...
-युवा शक्ति- (नागराज-छंद)
-युवा शक्ति- छंद- नागराज मात्रा- (जगण रगण जगण रगण जगण+2) हुई अभी न देर रे,न घोर ये घड़ी हुई। न है मची हिलोर रे,न रेत की घड़...
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आओं भविष्य लिखदें- (अष्टक छंद) by poet Pukhraj yadav
कर्मपुष्प का रोपण- (पर्यावरणी छंद)- by poet Pukhra...
श्रम ही सार है - (अष्टांग छंद) - by poet Pukhraj y...
जैसा मन वैसा तन-(धारावाही छंद) by Poet pukhraj yadav
देव शक्ति को नमन- अखण्ड छंद by Pukhraj yadav
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